गोवा राज्य के बारे में महत्व की जानकारी हिन्दी में।

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गोवा राज्य परिचय :

गोवा एक एसा राज्य है जिसकी खूबसूरती दुनिया भर मे मशहूर है। गोवा के समुंदर के किनारे के लिए यह राज्य बहुत ही मशहूर है।   

गोवा भारत देश का क्षेत्रफल के आधार से सब से छोटा राज्य है। एसा माना जाता है की भगवान परशुराम ने अपने एक यज्ञ के दौरान बाणों की बारिस की थी, जिनके कारण समुद्र के कई स्थानो को पीछे कर दिया था।

इसी कारण से गोवा के कई जगहो का नाम वाणस्थली, वाणावली आदि रखा गया था। आज भी उत्तरी गोवा मे भूरे रंग के एक पर्वत को भगवान परशुराम के यज्ञ करने की जगह मानी जाती है।

गोवा के सामान्य तथ्य :

  • स्थापना दिवस : 30 मई 1987
  • राजधानी :  पणजी
  • कुल जिले : 2
  • कुल क्षेत्रफल : 3,702 वर्ग किलोमीटर
  • सब से बड़ा शहर : वास्को द गामा
  • प्रथम मुख्य मंत्री :  दयानन्द बांदोदकर
  • राजकीय भाषा : कोंकणी, हिन्दी, मराठी  
  • राजकीय पक्षी : फ्लेम थ्रोटेड यलो बुलबुल
  • राजकीय पशु : गौर (जंगली भेसा)
  • राजकीय पेड़ :  मैटी (टर्मिनलिया एलिष्टिका)
  • राजकीय फूल : प्लेमिरिया रूब्रेशन
  • गोवा की सीमा : कर्नाटक, महाराष्ट्र   
  • प्रमुख नदी : जुअरी, चपोरा, मांडवी, तेरखोल, गलगीबाग, कूम्बरजुआ नहर, साल नदी और तलपोना 
  • जनसंख्या : 14,58,545
  • साक्षरता दर : 88.7%
  • पर्यटक स्थल :  कलंगुट बीच, बागा बीच, मिरामार बीच, अंजूना बीच, होली स्पिरिट चर्च, सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी चर्च, सालीगाव चर्च, श्री कामाक्षी मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, श्री शांतादुर्ग मंदिर आदि।  
  • मुख्य नृत्य : दकनी, मांडी, खोल, झाकोर, कुम्बी, धालो, फुगड़ी   
गोवा राज्य के बारे में महत्व की जानकारी
गोवा राज्य के बारे में महत्व की जानकारी

गोवा का इतिहास :

गोवा मे मौर्य वंश की स्थापना से गोवा के इतिहास की शुरुआत हुई यह माना जाता है। साल 580 से 750 तक राज करने वाले शासको मे बादामी के चालुक्य शासक थे।

चालुक्य के बाद कई राजाओ ने यहा पर अपना अधिकार स्थापित किया।

सन 1312 मे गोवा दिल्ली की सल्तनत के शासन मे पहली बार आया था। सौ सालो तक यहा पर विजय नगर के शासको ने शासन किया, सन 1469 तक विजय नगर के राजा ने यहा पर अधिकार जमाया।

सन 1498 मे यूरोपियन यात्रि वास्को डि गामा आए जो यहा आने वाले पहले यूरोपियन यात्री बने थे, वे समुद्र के रास्ते से आए थे। तुर्कीओ ने अन्य रास्ते जो पारंपरिक स्थल मार्ग थे उसे बंध कर दिया था।

सन 1510 मे वहा के तत्कालीन मुगल राजा को हरा कर पुर्तगालिओ ने यहा के कई क्षेत्रो पर अपना आधिपत्य स्थापित कर दिया था, और 450 साल तक गोवा मे राज किया था, और मसालो का व्यापार करने का एक आधार बनाया था।

सन 1947 मे अंग्रेज़ो से भारत देश को आजादी मिली तब भारत ने उपमहाद्वीप पर स्थित पुर्तगाली प्रदेशो को भारत को सौप देने का अनुरोध किया।  

19 दिसंबर 1961 मे भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के साथ आक्रमण किया और इसके परिणाम स्वरूप गोवा को भारत देश मे शामिल करवाया, तथा गोवा के उपक्षेत्र दमन और दीव को केंद्र प्रशासित प्रदेश के रूप मे शामिल किया गया।

सन 30 मई 1987 को केंद्र शासित क्षेत्र को अलग कर दिया गया, और गोवा को एक पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया। अतः भारत के 25वे राज्य के रूप मे गोवा का निर्माण हुआ और दमन और दीव को केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा मिला।

गोवा का भूगोल :

गोवा भारत देश का सब से छोटा और खूब सूरत राज्य है। यहा पर जून से सितंबर महीनेतक बारीस का मौसम रहता है। यहा का समुद्र का तट 101 किलो मीटर लंबा है।

गोवा भारत के प्रायद्वीप मे पश्चिम की तट मे स्थित है। इस के उत्तर मे तिरकोल और अरौडम नदी प्रवाहित होती है, दक्षिण मे कर्नाटक का उत्तरी कन्नड जिला है, पूरब मे पश्चिमी घाट और पश्चिम मे अरब सागर स्थित है।

गोवा का जल वायु गरम और आर्द्र रहता है। वर्षा की ऋतु मे गोवा का अद्भुत स्वरूप देखने को मिलता है। यहा पर छोटे-बड़े कुल मिला कर 40 जैसे समुद्री तट है। इसी के कारण विश्व भर मे गोवा प्रसिद्ध है और पर्यटको की भीड़ लगी रहती है।

गोवा मे कुल 36 द्वीपो का समूह है, जिन मे से तिसवाड़ी द्वीप समूह प्रसिद्ध है।

गोवा की सब से प्रसिद्ध जगह यहा के बीच है, जो यहा पर पर्यटको को मन भावन आनंद देती है। यहा के बीच मे मीरामार बीच, कलंगुट बीच, बागा बीच, कोलवा बीच आदि बिच है जो पर्यटको के लिए देखने लायक है।  

गोवा की मुख्य नदी मांडवी नदी है जो कर्नाटक और गोवा की सीमा से निकल कर अरब सागर मे प्रवाहित होती है। मांडवी नदी के तट पर ही गोवा की राजधानी पणजी शहर स्थित है। जहा पर पर्यटको शाम के समय मे रिवर क्रूज का आनंद लेने के लिए जाते है।

गोवा मे मांडवी नदी के अलावा सेलौलिम नदी, चपोरा नदी, साल नदी आदि नदी प्रवाहित होती है।

यहा पर डेम भी बनाए जा चुके है, मांडवी नदी के क्षेत्र मे अमथाने डेम है जो 29.4 मीटर की ऊंचाई वाला डेम है और यह उत्तर गोवा मे है। दूसरा है, अंजूनम डेम, यह भी मांडवी नदी पर बनाया गया है। इसकी ऊंचाई 42.8 मीटर की है।

जुआरी नदी पर बनाए जाने वाला पंचवड़ी डेम 20 मीटर की ऊंचाई वाला डेम है। जो दक्षिण गोवा मे आता है। इसके अलावा सलौलिम डेम और चपोली डेम है, जो दक्षिण गोवा मे पड़ता है।

गोवा की बन्दरगाह की बात करे तो मार्मुगाओ बन्दरगाह है, जो पश्चिम अरब सागर पर स्थित है। मार्मुगाओ खाड़ी है जो अरब सागर से गोवा की तट पर प्रवाहित होती है।

गोवा के पश्चिम अरब सागर मे स्थित एक द्वीप है जो सेंट जॉर्ज द्वीप के नाम से जाना जाता है।

गोवा मे लौह खनिज पदार्थ की मात्रा भी भरपूर प्रमाण मे पाये जाते है। यहा पर लौह अयस्क, मैंगनीज और बॉक्साइट जेसे खनिज पदार्थ देखने को मिलते है।

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